गृध्रसी= साइटिका का सफल इलाज - डॉ.ललित पोटफोड़े
गृध्रसी= साइटिका का सफल इलाज
आयुर्वेद से ईलाज
लक्षण - एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना गृध्रसी या रिंगण बाय कहलाता है। प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है। मुख्य लक्षण यह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है। दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता।
हारसिंगार = पारिजात
के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ। पत्ते को धो कर मिक्सी मे या कैसे ही थोड़ा सा कूट ले या पीस ले। बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें। तेज आग पर मत पकाए। चाय की तरह पकाए। चाय कि तरह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले। पहली बार मे ही 10% फायदा होगा। प्रतिदिन 2 बार पिए । यदि आप ऑफिस जाते हैं तो दोगुना पानी उबाले। थर्मस मे भरकर ले जाएँ। इस हरसिंगार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और बाद तक ठंडा पानी न पीए। दही लस्सी और आचार न खाएं।
इसके साथ महावतविध्वंश रस की 1-2 गोली दिन में 2 बार लेने से जल्द लाभ होता है।
पारिजात (Nyctanthes arbor-tristis) एक पुष्प देने वाला वृक्ष है। इसे परिजात, हरसिंगार, शेफाली, शिउली आदि नामो से भी जाना जाता है। इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है। इसका वानस्पतिक नाम 'निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस' है। पारिजात पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं।यह सब स्थानो पर मिलता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान है सफ़ेद फूल केसरिया डंडी। सुबह सब फूल झड जाते है ।
आपका
डॉ.ललित पोटफोड़े
Pralhad Vitthalrao Londhe
सर मला पंधरा ते वीस दिवसापासून सायटिकाचा त्रास सुरू झाला आहे त्यावर आयुर्वेदिक उपाय सुचवा धन्यवाद
18-04-2026 12:33:03pm